गायत्री मंत्र
Gayatri Mantra
गायत्री मंत्र ऋग्वेद (३.६२.१०) का वैदिक मंत्र है, जिसके द्रष्टा ऋषि विश्वामित्र हैं। इसमें सविता देव (सूर्य) के दिव्य तेज से बुद्धि को प्रकाशित करने की प्रार्थना है। परंपरा से इसका जाप सूर्योदय, मध्याह्न और सूर्यास्त के समय, प्रायः १०८ बार किया जाता है।
- 1 पद
- 1 मिनट
- ऋषि विश्वामित्र (ऋग्वेद ३.६२.१०)
- उत्तम दिन: रविवार
ॐ भूर्भुवः स्वःOm Bhur Bhuvah Svah
तत्सवितुर्वरेण्यंTat Savitur Varenyam
भर्गो देवस्य धीमहिBhargo Devasya Dhimahi
धियो यो नः प्रचोदयात्॥Dhiyo Yo Nah Prachodayat
ॐ। पृथ्वी, अंतरिक्ष और स्वर्ग, इन तीनों लोकों में व्याप्त सविता देव के उस श्रेष्ठ, पापनाशक तेज का हम ध्यान करते हैं। वे हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
- ॐप्रणव, परम ब्रह्म का नाद
- भूःपृथ्वी लोक
- भुवःअंतरिक्ष लोक
- स्वःस्वर्ग लोक
- तत्उस
- सवितुःसविता देव (प्रेरक सूर्य) के
- वरेण्यंश्रेष्ठ, वरण करने योग्य
- भर्गःपापनाशक तेज
- देवस्यदेवता के
- धीमहिहम ध्यान करते हैं
- धियःबुद्धियों को
- यःजो
- नःहमारी
- प्रचोदयात्प्रेरित करें
पूर्ण
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प्रश्न
गायत्री मंत्र कितनी बार जपें?
माला पर १०८ बार जपना परंपरा है। समय कम हो तो ३, ११ या २१ बार भी ध्यान से जप सकते हैं। जल्दी न करें, हर शब्द साफ़ बोलें।
गायत्री मंत्र किस समय जपना चाहिए?
सुबह सूर्योदय के समय, पूर्व की ओर मुँह करके। परंपरा में तीनों संध्याओं (सुबह, दोपहर और शाम) में जप की बात कही गई है। विदेश में बहुत-से परिवार सुबह स्कूल या काम पर निकलने से पहले एक बार जप कर लेते हैं।
क्या महिलाएँ गायत्री मंत्र जप सकती हैं?
इस पर परंपराएँ अलग-अलग हैं। आज बहुत-से गुरु और संस्थाएँ सबको, महिलाओं को भी, गायत्री जप के लिए प्रोत्साहित करते हैं, और बहुत-सी महिलाएँ रोज़ जप करती हैं। कुछ पारंपरिक परिवार पुरानी रीति मानते हैं, जिसमें जनेऊ (उपनयन) के बाद पुरुष ही यह जप करते हैं। अपने परिवार या गुरु की परंपरा के अनुसार चलें।
गायत्री मंत्र किस वेद से है?
ऋग्वेद (३.६२.१०) से। इसके द्रष्टा ऋषि विश्वामित्र हैं। शुरू के शब्द 'ॐ भूर्भुवः स्वः' व्याहृतियाँ हैं, जो जप के समय वैदिक मंत्र से पहले जोड़ी जाती हैं।
स्रोत और समीक्षा
स्रोत: Rig Veda Samhita, Mandala 3, Sukta 62, Mantra 10
The opening 'Om Bhur Bhuvah Svah' (the vyahritis) is added in traditional japa.
मूल पाठ को यहाँ बताए गए स्रोतों से पंक्ति-दर-पंक्ति मिलाया गया है। अर्थ AI की मदद से लिखा गया मसौदा हैं। अभी किसी विद्वान ने इनकी जाँच नहीं की है।
ये अर्थ हमारा पहला मसौदा हैं। अभी किसी विद्वान ने इनकी जाँच नहीं की है। कोई भूल दिखे तो हमें ज़रूर बताएँ।